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नींद क्यों आती है? | आठ कर्मों में से कौन सा कर्म आपको सुलाता है ?

Jain Kwiz

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नींद क्यों आती है? | आठ कर्मों में से कौन सा कर्म आपको सुलाता है ?

860 просмотров · 6 дней назад
Jain Kwiz
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नींद कोई साधारण शारीरिक क्रिया नहीं — जैन दर्शन के अनुसार यह दर्शनावरणीय कर्म के उदय का फल है। इस वीडियो में जानिए आठ कर्मों में दर्शनावरणीय कर्म का स्थान, उसकी नौ प्रकृतियाँ, और वे पाँच निद्रा प्रकृतियाँ जो हमारी नींद का असली कारण हैं। इस वीडियो में: • आठ कर्म और चार घातिया कर्म • दर्शनावरणीय कर्म — द्वारपाल की उपमा • नौ प्रकृतियाँ: ४ दर्शनावरण + ५ निद्रा • निद्रा, निद्रा-निद्रा, प्रचला, प्रचला-प्रचला, स्त्यानगृद्धि • केवली भगवान को नींद क्यों नहीं आती शिक्षा: नींद दोष नहीं, पर प्रमाद अवश्य है। अनावश्यक निद्रा और आलस्य घटाइए, स्वाध्याय और जागृति बढ़ाइए — यही दर्शनावरणीय कर्म को क्षीण करने का मार्ग है। 00:00 प्रश्न — नींद क्यों आती है? 00:10 आठ कर्म 00:36 दर्शनावरणीय कर्म — द्वारपाल 01:02 नौ प्रकृतियाँ 01:18 १. निद्रा 01:30 २. निद्रा-निद्रा 01:44 ३. प्रचला 01:57 ४. प्रचला-प्रचला 02:11 ५. स्त्यानगृद्धि 02:30 केवलदर्शन 02:48 मुनिराज की अल्प निद्रा 03:01 शिक्षा वीडियो पसंद आए तो लाइक करें, धर्म स्नेही बंधुओं तक शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करें। जय जिनेंद्र। #जैनधर्म #दर्शनावरणीयकर्म #आठकर्म #निद्रा #स्त्यानगृद्धि #जैनतत्वज्ञान #दिगम्बरजैन #JainDharma #Karma #JainPhilosophy