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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 43 | कुलधर्म नष्ट होने का परिणाम क्या है? | Gita Shlok 43| Bhagvad

Bhagvad Gita

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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 43 | कुलधर्म नष्ट होने का परिणाम क्या है? | Gita Shlok 43| Bhagvad

20 просмотров · 7 дней назад
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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 43 | कुलधर्म नष्ट होने का परिणाम क्या है? | Gita Shlok 43 📝 Description श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 — श्लोक 43 | PART 44 🙏 कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में अर्जुन अपने मन की गहरी चिंता श्रीकृष्ण के सामने रखते हैं। अर्जुन बताते हैं कि यदि कुलधर्म और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराएँ नष्ट हो जाएँ, तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस वीडियो में जानिए भगवद्गीता के श्लोक 43 का सरल अर्थ और अर्जुन की उस चिंता को, जिसके कारण उनका मन युद्ध से और अधिक विचलित हो रहा था। 📖 श्लोक: “उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन। नरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम॥” 🔱 अगले भाग में: अर्जुन की बातें सुनकर श्रीकृष्ण क्या उत्तर देंगे? 🙏 जय श्री कृष्ण 🙏 हरि ॐ तत्सत 🔥 Hashtags #श्रीमद्भगवद्गीता #भगवद्गीता #गीताश्लोक #Gita #GitaShlok #Krishna #ShriKrishna #Arjun #Mahabharat #GeetaGyan #KrishnaVani #SanatanDharma #HinduDharma #BhagavadGita #GitaChapter1