Перейти к содержимому

जब नौटी मंदिर में पहुंची बटकेम गाँव की कालिका माता की डोली 🚩Nanda Devi Raj Jat & Nauti Village Vlog

Vimal K Vlog

0:00 / 0:00

जब नौटी मंदिर में पहुंची बटकेम गाँव की कालिका माता की डोली 🚩Nanda Devi Raj Jat & Nauti Village Vlog

296 просмотров · 3 дн. назад
Vimal K Vlog
1,43 тыс. подписчиков
296 просмотров · 3 дн. назад
गढ़वाल और कुमाऊं की आस्था का प्रतीक है नंदा देवी राजजात यात्रा 🏔️🚩 ​आज के इस ब्लॉग/वीडियो में हम आपको लेकर चल रहे हैं नौटी गाँव (चमोली उत्तराखंड) जो श्री नंदा देवी राजजात यात्रा का मुख्य प्रारंभिक स्थल है नौटी गाँव स्थित माता नंदा देवी के प्राचीन मंदिर में देवी के दर्शन और यहाँ के दिव्य वातावरण को हमने इस वीडियो में कैप्चर किया है ​📜 नंदा देवी राजजात यात्रा इतिहास और महत्व ​नंदा देवी को उत्तराखंड की बेटियाँ 'ध्याण' (ध्याणी - शादीशुदा बेटी) मानती हैं यह यात्रा वास्तव में माता नंदा देवी को उनके मायके (गढ़वाल/कुमाऊं) से उनके ससुराल (कैलाश पर्वत/भगवान शिव का धाम) विदा करने की एक भावुक और सांस्कृतिक परंपरा है ​इतिहास इस ऐतिहासिक यात्रा का इतिहास चमोली के कंसवाण (कांसवा) के कुँवर/राजपरिवार से जुड़ा है मान्यता है कि नौटी गाँव के राजपुरोहितों और कांसवा के कुँवरों द्वारा इस यात्रा का नेतृत्व प्राचीन काल से किया जाता आ रहा है ​🔄 छोटी जात बनाम बड़ी राजजात (अंतर) ​1. छोटी नंदा जात (वार्षिक यात्रा) ​यह यात्रा हर साल भाद्रपद (भादों) महीने में आयोजित होती है। ​यह मुख्य रूप से नौटी गाँव और आसपास के क्षेत्रों से शुरू होकर सीमित दूरी तक जाती है और कुछ ही दिनों में संपन्न हो जाती है ​(अभी इसी महीने संपन्न हुई यात्रा इसी वार्षिक परंपरा का हिस्सा थी) ​2. बड़ी नंदा देवी राजजात (12 वर्षों में एक बार) ​यह यात्रा हर 12 साल के अंतराल पर आयोजित होने वाली एशिया की सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्राओं में से एक है। ​इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता चौसिंग्या खाडू (चार सींगों वाला भेड़) है जिसका जन्म 12 साल में एक बार चमत्कारिक रूप से होता है यह खाडू पूरी यात्रा में आगे-आगे चलता है और होमकुंड पहुँचकर अकेले कैलाश की ओर प्रस्थान कर जाता है ​यात्रा में गढ़वाल और कुमाऊं के सैकड़ों गाँवों से माँ नंदा की डोलियां (छंतोली) नौटी गाँव पहुँचती हैं और फिर एक साथ आगे बढ़ती हैं ​📍 यात्रा मार्ग (नौटी से होमकुंड) ​नौटी गाँव से शुरू होकर यह कठिन पैदल यात्रा ईडा-ध्याणी नौटी कुरुड़ वांण बेदनी बुग्याल रूपकुंड होते हुए होमकुंड (लगभग 17500 फीट की ऊँचाई) तक पहुँचती है वांण गाँव के बाद लाटू देवता की अगुवाई में यह यात्रा आगे बढ़ती है ​🗓️ अगली बड़ी नंदा राजजात 2027 ​वर्ष 2014 के बाद अब अगली महा नंदा देवी राजजात 2027 में आयोजित होने जा रही है 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर उत्तराखंड की देवभूमि इस भव्य और भावुक सांस्कृतिक समागम की साक्षी बनेगी ​वीडियो पसंद आए तो Like Share और Channel को Subscribe जरूर करें ​#NandaDeviRajJat #NautiVillage #Chamoli #UttarakhandCulture #NandaDevi #PahadiCulture #UttarakhandTourism #Himalayas #Devbhoomi