Перейти к содержимому

नलचम्पू | Class-04 | Nalchampu | प्रथम उच्छ्वासश्लोक 11-15 | TrivikramBhatt | Dr Ratnesh vishwakarma

Sanskritarnavah (संस्कृतार्णवः)

0:00 / 0:00

नलचम्पू | Class-04 | Nalchampu | प्रथम उच्छ्वासश्लोक 11-15 | TrivikramBhatt | Dr Ratnesh vishwakarma

34 просмотра · 2 дня назад
Sanskritarnavah (संस्कृतार्णवः)
430 подписчиков
34 просмотра · 2 дня назад
🙏 *Sanskritarnavah में आपका हार्दिक स्वागत है।* 📚 *नलचम्पू — प्रथम उच्छ्वास | श्लोक 11, 12, 13, 14 एवं 15* नलचम्पू | Class-04 | Nalchampu | प्रथम उच्छ्वासश्लोक 11-15 | TrivikramBhatt | Dr Ratnesh vishwakarma इस वीडियो में महाकवि त्रिविक्रमभट्ट विरचित प्रसिद्ध संस्कृत चम्पूकाव्य नलचम्पू के प्रथम उच्छ्वास के श्लोक 11 से 15 तक का अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। इन श्लोकों में रामायण की कथा, महाभारत एवं महर्षि वेदव्यास का महत्त्व, भारती की मनोहारिणी वाणी, कवि बाण की प्रतिभा तथा विद्वानों की काव्य-परंपरा का सुंदर वर्णन मिलता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📖 *श्लोक 11 — मूल पाठ* सदूषणापि निर्दोषा सखरापि सुकोमला। नमस्तस्मै कृता येन रम्या रामायणी कथा॥११॥ *Roman Transliteration (IAST):* Sadoṣāṇāpi nirdoṣā sakharāpi sukomalā। Namastasmai kṛtā yena ramyā rāmāyaṇī kathā॥11॥ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📖 *श्लोक 12 — मूल पाठ* व्यासः क्षमाभृतां श्रेष्ठो वन्द्यः स हिमवानिव। सृष्टा गौरीदृशी येन भवे विस्तारिभारता॥१२॥ *Roman Transliteration (IAST):* Vyāsaḥ kṣamābhṛtāṃ śreṣṭho vandyaḥ sa himavān iva। Sṛṣṭā gaurīdṛśī yena bhave vistāribhāratā॥12॥ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📖 *श्लोक 13 — मूल पाठ* कर्णान्तविभ्रमभ्रान्तकृष्णार्जुनविलोचना। करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती॥१३॥ *Roman Transliteration (IAST):* Karṇāntavibhramabhrāntakṛṣṇārjunavilocanā। Karoti kasya nāhlādaṃ kathā kānteva bhāratī॥13॥ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📖 *श्लोक 14 — मूल पाठ* शश्वद्बाणद्वितीयेन नमदाकारधारिणा। धनुषेव गुणाढ्येन निःशेषो रञ्जितो जनः॥१४॥ *Roman Transliteration (IAST):* Śaśvadbāṇadvitīyena namadākāradhāriṇā। Dhanuṣeva guṇāḍhyena niḥśeṣo rañjito janaḥ॥14॥ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 📖 *श्लोक 15 — मूल पाठ* इत्थं काव्यकथाकथानकरसैरेषां कवीनाममी विद्वांसः परिपूर्णकर्णहृदयाः कुम्भाः पयोभिर्यथा। वाचो वाच्यविवेकविक्लवधियामीदृग्विधा मादृशां लप्स्यन्ते क्व किलावकाशमथवा सर्वंसहाः सूरयः॥१५॥ *Roman Transliteration (IAST):* Itthaṃ kāvyakathākathānakarasair eṣāṃ kavīnām amī Vidvāṃsaḥ paripūrṇakarṇahṛdayāḥ kumbhāḥ payobhir yathā। Vāco vācyavivekaviklavadhiyām īdṛgvidhā mādṛśāṃ Lapsyante kva kila avakāśam athavā sarvaṃsahāḥ sūrayaḥ॥15॥ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🎯 *इस वीडियो में क्या सीखेंगे?* 🔹 नलचम्पू के प्रथम उच्छ्वास के श्लोक 11–15 का पाठ। 🔹 रामायण, महाभारत तथा संस्कृत महाकाव्य परंपरा का काव्यात्मक उल्लेख। 🔹 महर्षि वेदव्यास एवं महाकवि बाण के प्रति कवि का सम्मान। 🔹 संस्कृत श्लोकों का देवनागरी पाठ एवं Roman लिप्यंतरण। 🔹 संस्कृत साहित्य की काव्यात्मक अभिव्यक्ति एवं विशेषताएँ। 🎓 *विद्यार्थियों के लिए उपयोगिता* यह वीडियो बी.ए. एवं एम.ए. संस्कृत के विद्यार्थियों, संस्कृत साहित्य के अध्येताओं तथा संस्कृत विषय की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है। 📌 नलचम्पू के अन्य पाठों के लिए हमारी *नलचम्पू काव्य सम्पूर्ण अध्ययन* प्लेलिस्ट देखें। 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें और *Sanskritarnavah* चैनल को Subscribe करना न भूलें। 👨‍🏫 *प्रस्तुतकर्ता: डॉ. रत्नेश विश्वकर्मा* ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ #नलचम्पू #त्रिविक्रमभट्ट #संस्कृतसाहित्य #NalChampu #SanskritLiterature #Sanskritarnavah