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Parvati Song Original 1988 Style | सप्त ऋषि भी हार गए | Saptrishi Parvati Song

Pandit Anant Mishra

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Parvati Song Original 1988 Style | सप्त ऋषि भी हार गए | Saptrishi Parvati Song

160 087 просмотров · 5 дн. назад
Pandit Anant Mishra
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New rendition of the original Parvati song recorded in 1988. ▶ भाग 2, गौरा का तप:    • Original Parvati Song Part 2 | गौरा का तप   Parvati song original 1988 की नई प्रस्तुति। Saptrishi Parvati original song की यह नई रिकॉर्डिंग, सप्त ऋषि और माता पार्वती की कथा, बोल के साथ। Parvati song lyrics, parvati tapasya song, पुराने शिव भजन की शैली में। शिव नाम का जाप: माता पार्वती की तपस्या का भजन। शिव पार्वती भजन में सुनिए कि पार्वती तपस्या करके अपर्णा कहलाईं और सच्ची लगन से भोलेनाथ का मन भी मोड़ लिया। पार्वती तपस्या की यह कथा हिंदुस्तानी शास्त्रीय शैली के शिव भजन में गाई गई है। हिंदी बोल नीचे हैं। शिव नाम का जाप | शिव पार्वती भजन (Hindi lyrics) शिव नाम का जाप रचाया पार्वती के मन में भोले भाया छोड़ राजपाट सब महल अटारी तपस्या का दीप जलाया सप्त ऋषि भी हार गए पर मां ने हठ ना छोड़ा भोलेनाथ को पति मान के जग से नाता तोड़ा अन्न जल को हाथ लगाया तप में लीन हुई जगदंबा शिव के नाम की ज्योति जगी था भक्ति का मार्ग अनंता देव ऋषि सब देखते रह गए निष्ठा उस महादेवी की जिसके तप से कांप उठा था ये ब्रह्मांड का हर कोना सप्त ऋषि जब आए समझाने बोले मां से बात हमारी मानो अंग भस्म जो मले शरीर पे उस अवघड़ की महिमा जानो ना कोई घर न राज सिंहासन गले में नागों की माला ऐसे बेपरवाह योगी से कैसा नाता जोड़ डाला पार्वती ने मुस्कुरा के कहा शिव ही मेरे स्वामी हैं दिखते हैं जो अघोरी रूप में वही अंतर्यामी है शिव नाम का जाप रचाया पार्वती के मन में भोले भाया छोड़ राजपाट सब महल अटारी तपस्या का दीप जलाया सप्त ऋषि भी हार गए पर मां ने हठ ना छोड़ा भोलेनाथ को पति मान के जग से नाता तोड़ा इश्क कहो या भक्ति कहो यह अमर कथा कैलाश की जहां तपस्या जीत गई और हार हुई सब आस की शिव शक्ति का मिलन हुआ जब त्रिभुवन हर्षाया सारा सच्ची भक्ति के आगे झुकता यह संसार सारा हजारों वर्ष बीत गए पर डिगा ना मां का यह विश्वास कंद मूल और पत्ते छोड़े जल बिन रखा कड़ा उपवास अपर्णा नाम पड़ा मां का जब पत्ता भी खाना छोड़ दिया सच्ची लगन और दृढ़ निश्चय से शिव का मन भी मोड़ मोड़ लिया प्रकट हुए फिर नीलकंठ दिया असल वरदान मां को अपने आधे अंग में धारा जग की पालनहार मां को शिव नाम का जाप रचाया पार्वती के मन में भोले भाया छोड़ राजपाट सब महल अटारी तपस्या का दीप जलाया सप्त ऋषि भी हार गए पर मां ने हठ ना छोड़ा भोलेनाथ को पति मान के जग से नाता तोड़ा जहां लगन में सच्चा भाव हो वहां सब देव भी झुकते हैं शिव की कृपा के आगे सब संकट पल में रुकते हैं पार्वती और शिव का यह बंधन जग का रूप सँवारता है जो भी जाए शिव शक्ति को उसका जीवन तारता है कैलाश के स्वामी शिव शंभू शक्ति रूप में पार्वती इनकी कृपा से मिट जाती है जग की सब अति आपदा डम डम डमरू बाजे री और नाचे सब गण देवता शिव पार्वती का विवाह अच्छा गूंजे हर हर महादेव जो भी गाए यह पावन गाथा उसके कष्ट कष्ट मिट जाएंगे महादेव और माता पार्वती उसके सब कारज बनाएंगे शिव नाम का जाप रचाया पार्वती के मन में भोले भाया छोड़ राजपाट सब महल अटारी तपस्या का दीप जलाया सप्त ऋषि भी हार गए पर मां ने हठ ना छोड़ा Also searched as: shiv parvati bhajan, parvati tapasya, shiv bhajan, parvati ki tapasya, mahadev bhajan hindi lyrics, शिव पार्वती भजन, पार्वती तपस्या, शिव भजन. हर हर महादेव। #ShivBhajan #ParvatiBhajan #ParvatiTapasya