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शरीर की क्रियाओं के प्रति सजगता : वर्तमान में लौटने का अवसर

Beyond Philosophy Osho

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शरीर की क्रियाओं के प्रति सजगता : वर्तमान में लौटने का अवसर

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Beyond Philosophy Osho
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हमारा शरीर जीवन के प्रत्यक्ष अनुभव से जुड़ने का एक सहज माध्यम है। मन विचारों में भटक सकता है, स्मृतियों में उलझ सकता है और भविष्य की कल्पनाओं में खो सकता है, लेकिन हम अपनी सजगता को शरीर की वर्तमान क्रियाओं पर वापस ला सकते हैं। जब वर्तमान में लौटना हमारी सहज आदत बनने लगता है, तब जीवन केवल विचारों में बीतने के बजाय प्रत्यक्ष रूप से अनुभव होने लगता है।