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आखिर कब तक आप कहने वाले हो "It's My Mother's Fault"..

The Essence

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आखिर कब तक आप कहने वाले हो "It's My Mother's Fault"..

14 просмотров · 5 дней назад
The Essence
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बच्चे के स्वस्थ मनोवैज्ञानिक विकास के लिए यह बेहद जरूरी है कि उसके माता-पिता उसे समझें और सुनें [00:01]. परिवार और माता-पिता ही हमारे मनोवैज्ञानिक ढांचे की 'जड़' (Root) होते हैं, और यदि इसमें कोई गड़बड़ी होती है, तो इसका असर बाहर की दुनिया और हमारे जीवन पर भी पड़ता है [06:27:00]. दूसरों को दोष देना बंद करना: हम अक्सर अपनी असफलताओं, दुखों या समस्याओं के लिए अपनी मां, पिता, परिवार या समाज को दोष देते हैं और कहते हैं कि "यह मेरी मां की गलती है" [09:39:00]. वीडियो के अनुसार, जब हम एडल्ट (वयस्क) हो जाते हैं, तो हमें अपने फैसलों और जीवन की पूरी ज़िम्मेदारी खुद लेनी चाहिए [10:08:00]. दूसरों को दोष देना आसान होता है, लेकिन आत्म-जिम्मेदारी ही विकास का मार्ग है [15:26:00]. मन के घावों को हील करना: बचपन की कड़वी यादें, अमानवीय व्यवहार या ट्रॉम हमारे मन में गहरे बैठ जाते हैं, जो आगे चलकर नशा, गुस्सा, डिप्रेशन या सुसाइडल Tendencies का रूप ले सकते हैं [08:52:00]. इन पुराने घावों और यादों को बिना किसी पूर्वाग्रह के देखना और स्वीकार करना ही उन्हें ठीक (Heal) करने की प्रक्रिया है [25:07:00]. सेल्फ-इक्वायरी और आत्म-बोध: ध्यान (Meditation) और आत्म-चिंतन के जरिए हम अपने मन की परतों को टटोल सकते हैं और समझ सकते हैं कि हमारे भीतर क्या चल रहा है [21:01:00]. जिस दिन हम दूसरों को ज़िम्मेदार ठहराना बंद कर देते हैं और अपने दुखों की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं [23:11:00].