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Part -3, जो ईश्वर मर गया, वह ईश्वर था ही नहीं। झूठे धर्म से सच्चे धर्म तक की यात्रा।#osho

Osho Wisdom

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Part -3, जो ईश्वर मर गया, वह ईश्वर था ही नहीं। झूठे धर्म से सच्चे धर्म तक की यात्रा।#osho

1 370 просмотров · 2 недели назад
Osho Wisdom
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अब इस विचार-यात्रा का भाग 3 भी उपलब्ध है। हमने भाग 3 अपलोड कर दिया है—आप अभी देख सकते हैं। जुड़िए, सुनिए और अपनी दृष्टि का विस्तार कीजिए। ओशो के इस गहन चिंतन में प्रश्न केवल “ईश्वर मर गया है” का नहीं, बल्कि उस ईश्वर की खोज का है जिसे मनुष्य ने अपनी कल्पनाओं, मान्यताओं और भय से निर्मित कर लिया है। क्या ईश्वर वास्तव में मर सकता है, या फिर मरती है केवल हमारी बनाई हुई धारणा? ओशो इसी प्रश्न के माध्यम से धर्म, विश्वास और सत्य को एक बिल्कुल अलग दृष्टि से समझाते हैं।