श्रीमद्भगवद्गीता : 16वाँ अध्याय (दैवासुरसंपद्विभाग योग) | व्याख्यान | Prof. Hari Prasad Adhikari
धर्मदर्शन (Where Sanskrit Wisdom Meets Life)
0:00 / 0:00
श्रीमद्भगवद्गीता : 16वाँ अध्याय (दैवासुरसंपद्विभाग योग) | व्याख्यान | Prof. Hari Prasad Adhikari
24 просмотра · 3 дн. назад
धर्मदर्शन (Where Sanskrit Wisdom Meets Life)
574 подписчика
24 просмотра · 3 дн. назад
✨ दैवी संपदा और आसुरी स्वभाव में अंतर—कौन सा मार्ग आपको मुक्ति की ओर ले जाता है? ✨
'कर्मयोगी पीठ' द्वारा आयोजित 'अष्टादश दिवसीय कर्मयोगी महोत्सव' के अंतर्गत प्रोफेसर हरि प्रसाद अधिकारी जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के 16वें अध्याय (दैवासुरसंपद्विभाग योग) पर अत्यंत सरल और मार्मिक व्याख्यान दिया।
इस वीडियो में जानिए भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताए गए उन दो प्रकार के स्वभावों (दैवी गुण और आसुरी प्रवृत्तियों) के बारे में, जो मनुष्य के जीवन, आचरण और उसके भविष्य की गति को तय करते हैं! 🌸🔥
🎯 वीडियो के मुख्य बिंदु:
दैवी गुणों (सत्य, अहिंसा, करुणा आदि) का महत्व
आसुरी प्रवृत्तियों (काम, क्रोध, अहंकार और पाखंड) के दुष्परिणाम
जीवन में श्रेय और प्रेय मार्ग का चयन
📲 सनातन सेवा में सहयोग करें:
गीता के इस ज्ञान को घर-घर पहुँचाने के लिए वीडियो को Like, Share और चैनल को Subscribe जरूर करें!
💬 कमेंट सेक्शन में "जय श्री कृष्णा" लिखकर अपनी उपस्थिति अवश्य दर्ज कराएं! 👇
🔖 Hashtags:
#श्रीमद्भगवद्गीता #कर्मयोगीपीठ #कर्मयोगीमहोत्सव #दैवासुरसंपद्विभागयोग #श्रीकृष्ण #हरिप्रसादअधिकारी #गीताज्ञान #BhagavadGita #SanatanDharma #GeetaGyan #spiritualdiscourse #sanatandharma #श्रीमद्भगवद्गीता #कर्मयोगीपीठ #कर्मयोगीमहोत्सव #spiritualdiscourse