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ईक्ष्वाकु राजाओं की कथाएं-31 : शरभंग ऋषि ने श्रीराम को समस्त योग, यज्ञ, तप एवं व्रत समर्पित कर दिए!

Stories From Hindu Dharma

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ईक्ष्वाकु राजाओं की कथाएं-31 : शरभंग ऋषि ने श्रीराम को समस्त योग, यज्ञ, तप एवं व्रत समर्पित कर दिए!

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बहुत से ऋषि युगों से श्रीराम के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। एक दिन जब उन्हें ज्ञात हुआ कि श्रीराम ने अत्रि मुनि के आश्रम से प्रस्थान कर दिया है तो ऋषि-मुनि अपने आश्रमों को श्रीराम के स्वागत के लिए सजाने लगे। बहुत से ऋषियों ने दण्डकारण्या के पथों को बुहार कर अपने आश्रम को आने वाले मार्गों को सुगम कर दिया ताकि श्रीराम को उनके आश्रमों तक आने में कोई कष्ट न हो, कहीं वे मार्ग न पाकर उनका आश्रम छोड़कर आगे न बढ़ जाएं। www.bharatkaitihas.com