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Story of soul| ekk raja ka udai aur patan| untold story of bibel

Mr Kashop

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Story of soul| ekk raja ka udai aur patan| untold story of bibel

16 просмотров · 7 дней назад
Mr Kashop
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शाऊल का चुनाव इस्राएल के लोग एक राजा चाहते थे। परमेश्वर ने भविष्यद्वक्ता शमूएल के द्वारा बिन्यामीन के गोत्र के एक युवक शाऊल को राजा चुना। शाऊल लंबा, प्रभावशाली और देखने में आकर्षक था। राजा बनने के बाद विजय शाऊल ने इस्राएल के शत्रुओं के विरुद्ध कई युद्ध जीते। शुरुआत में वह विनम्र था और परमेश्वर की आज्ञा मानता था। लोग उसे अपना महान राजा मानने लगे। पहली बड़ी गलती एक युद्ध के समय शमूएल के आने की प्रतीक्षा करने के बजाय शाऊल ने स्वयं बलिदान चढ़ा दिया। शमूएल ने कहा कि शाऊल ने परमेश्वर की आज्ञा नहीं मानी। यही उसके पतन की शुरुआत थी। अमालेकियों की घटना परमेश्वर ने शाऊल को अमालेकियों के विरुद्ध युद्ध में स्पष्ट आदेश दिया था। लेकिन शाऊल ने आदेश पूरी तरह नहीं माना और राजा अगाग तथा कुछ अच्छी वस्तुएँ बचा लीं। शमूएल ने उसे बताया कि आज्ञाकारिता बलिदान से अधिक महत्वपूर्ण है। दाऊद का उदय इसके बाद परमेश्वर ने दाऊद को भविष्य का राजा चुना। दाऊद ने गोलियत को हराकर प्रसिद्धि प्राप्त की। जब लोग गाने लगे कि शाऊल ने हजारों को मारा और दाऊद ने दस हजारों को, तब शाऊल के मन में ईर्ष्या पैदा हो गई। शाऊल और दाऊद की दुश्मनी शाऊल कई बार दाऊद को मारना चाहता था। दाऊद उसके सामने होते हुए भी शाऊल का सम्मान करता रहा, क्योंकि वह उसे परमेश्वर का अभिषिक्त राजा मानता था। शाऊल का दुखद अंत अपने अंतिम युद्ध में शाऊल और उसके पुत्र योनातन पलिश्तियों के विरुद्ध लड़ रहे थे। युद्ध में योनातन मारा गया और शाऊल गंभीर रूप से घायल हुआ। अपनी हार देखकर शाऊल ने अपने जीवन का अंत कर लिया। कहानी की सीख शाऊल की कहानी हमें सिखाती है कि अहंकार, ईर्ष्या और परमेश्वर की आज्ञा की अवहेलना इंसान को विनाश की ओर ले जा सकती है। शुरुआत में शाऊल महान राजा था, लेकिन धीरे-धीरे उसका हृदय बदल गया और उसने अपना राज्य खो दिया।