ज्योतिष कितना सच है? कुंडली, ग्रह-नक्षत्र: इनका क्या अर्थ है? || आचार्य प्रशांत, ऋषिकेश(2026)
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant
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ज्योतिष कितना सच है? कुंडली, ग्रह-नक्षत्र: इनका क्या अर्थ है? || आचार्य प्रशांत, ऋषिकेश(2026)
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वीडियो जानकारी: 25.04.2026, संत सरिता सत्र, ग्रेटर नोएडा
Title: अगर ज्योतिष अंधविश्वास है, तो वेदान्त भी तो अंधविश्वास हुआ? || आचार्य प्रशांत, ऋषिकेश (2026)
Chapters:
00:00 - Intro
01:30 - क्या वेदांत भी अंधविश्वास है?
12:05 - मैं वेदांत को सर्वोच्च क्यों मानता हूँ?
19:46 - क्या हमारे धर्मग्रंथ जाति सिखाते हैं?
29:39 - परंपरा गलत हो तो क्या उसे ठुकराना चाहिए?
36:33 - क्या अध्यात्म विज्ञान और संविधान से बड़ा है?
46:39 - गुरु पर निर्भरता या असली आज़ादी?
54:47 - शिष्य की सबसे बड़ी परीक्षा क्या है?
विवरण:- क्या विज्ञान हर उस बात की जाँच कर सकता है जो हमारे जीवन से जुड़ी है? अगर विज्ञान पदार्थ और उसकी वस्तुनिष्ठता की बात करता है, तो दुख, बंधन और मुक्ति की बात किस क्षेत्र में आती है?
इस वीडियो में, आचार्य प्रशांत विज्ञान और अद्वैत वेदांत के अलग-अलग क्षेत्रों को स्पष्ट करते हैं। चर्चा में ज्योतिष के वैज्ञानिक परीक्षण, विज्ञान की ऑब्जेक्टिविटी और सेल्फ की स्थिति, अहंकार और आत्मा, तथा यह सवाल आता है कि क्या विज्ञान उस चीज़ का प्रमाण दे सकता है जो उसकी अपनी परिभाषा के ही बाहर है। वे यह भी बताते हैं कि वेदांत किसी बाहरी अथॉरिटी का दावा नहीं करता, बल्कि दुख, बंधन, भ्रम और मुक्ति जैसी उन्हीं बातों से जुड़ा है जिन्हें मनुष्य अपने जीवन में देख सकता है।
बात आगे बढ़कर वेदांत को हिंदू पहचान से जोड़ने, श्रुति और स्मृति के भेद, जाति को लेकर प्रचलित धारणाओं, गीता में ‘स्वधर्म’ की व्याख्या और शास्त्रों में प्रतीकात्मक बातों को लिटरल मान लेने की भूल तक जाती है। साथ ही विज्ञान, संविधान और अध्यात्म की अपनी-अपनी जगह, गुरु और निर्भरता का संबंध, तथा अपने जीवन को मुक्त करने की जिम्मेदारी पर भी चर्चा होती है।
मुख्य विषय:
विज्ञान और अद्वैत वेदांत
श्रुति, स्मृति और जाति
विज्ञान, संविधान और अध्यात्म
गुरु, निर्भरता और स्वतंत्रता
🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर:
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