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चीचली लाई है चीयाँ , चंगा-पो खेलण ने पिया ! रचना - "लक्ष्य जयपुरिया" एल पी शर्मा, जयपुर - राज .

Lakshya Jaipuria L P Sharma

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चीचली लाई है चीयाँ , चंगा-पो खेलण ने पिया ! रचना - "लक्ष्य जयपुरिया" एल पी शर्मा, जयपुर - राज .

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Lakshya Jaipuria L P Sharma
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चीचली लाई है चीयाँ ! चीचली लाई है चीयाँ , चंगा पो खेलण ने पिया ! चीचली लाई है चीयाँ , चंगा पो खेलण ने पिया , राधा गोविन्द संग खेलेंगे , चीचली का चीयाँ चीयाँ । आ भी जाओ कान्या जीनें,मान भी जाओ कान्या जीनें , मौसम भी है ,मौका भी हैं , बेगा चालो कान्या जीनें । गोप गोपीयाँ चले दोडते , देखो कैसे हाय दैया , राधा गोविन्द संग खेलेंगे , चीचली का चीयाँ चीयाँ । चीचली लाई है चीयाँ , चंगा पो खेलण ने पिया , राधा गोविन्द संग खेलेंगे , चीचली का चीयाँ चीयाँ ! सावन मेघा गरजे बरसे , बारिश में भीगे सब तरसे , मैं भी प्यासी ,तुम भी प्यासे,प्रेमसुधा बिन सभी अभागे! भक्ति रस से प्यास बुझेगी , ठंडा हो जायेगा जिया , राधा गोविन्द संग खेलेंगे , चीचली का चीयाँ चीयाँ । चीचली लाई है चियाँ , चंगा पो खेलण ने पिया , राधा गोविन्द संग खेलेंगे , चीचली का चीयाँ चीयाँ ! मैं हारया मैं थाँका होंगा , थे हारया थे म्हाँका , प्रेम खेल में हार जीतरा , कोई मतलब नही बाँका । जीवन कट जायेगा अइयाँ , कौनऊ पार लगाये नैयाँ , वो ही सबकी पार लगायें , जा की माँ यशोदा मैया । राधा गोविन्द संग खेलेंगे , चीचली का चीयाँ चीयाँ ।। चीचली लाई है चीयाँ , चंगा पो खेलण ने पिया , चीचली लाई है चीयाँ , चंगा पो खेलण ने पिया , लक्ष्य जयपुरिया ( एल पी शर्मा ) जयपुर - राज . Copyright Disclaimer लेखक - लक्ष्मी प्रसाद शर्मा “ लक्ष्य जयपुरिया “, प्रकाशन वर्ष,18 अक्टूबर 2026 , यह सामग्री मूल है कॉपीराइटेड है और अनुमति के बिना अनधिकृत उपयोग वर्जित है ! Laksh