श्री हित चौरासी पद 13 | नन्द के लाल हरयौ मन मोर | राधा कृष्ण भजन | Braj Bhakti
Shri Radha Kripa
0:00 / 0:00
श्री हित चौरासी पद 13 | नन्द के लाल हरयौ मन मोर | राधा कृष्ण भजन | Braj Bhakti
1 600 просмотров · 9 дней назад
Shri Radha Kripa
442 подписчика
1 600 просмотров · 9 дней назад
🌸 श्री हित चौरासी पद 13 🌸
॥ नन्द के लाल हरयौ मन मोर ॥
#श्रीहितचौरासी #पद13 #राधाकृष्ण #राधेराधे #ब्रजभक्ति
श्री हित हरिवंश महाप्रभु द्वारा रचित श्री हित चौरासी के इस पद में श्री नन्दकिशोर श्री कृष्ण की मोहिनी छवि, मनमोहक चितवन, सुंदर चाल और मधुर मुरली के प्रभाव का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन मिलता है।
कृष्ण की एक मनमोहक चितवन और उनकी मधुर मुरली किस प्रकार भक्त के मन को अपने प्रेम में बाँध लेती है—इस पद में उसी दिव्य ब्रज-भाव की सुंदर अनुभूति होती है।
🌸 ॥ मूल पद ॥ 🌸
नन्द के लाल हरयौ मन मोर ।
हौं अपने मोतिन लर पोवत,
काँकर डारि गयौ सखि भोर ।।
बंक विलोकनि चाल छबीली,
रसिक शिरोमणि नन्द किसोर ।
कहि कैसे मन रहत श्रवण सुनि,
सरस मधुर मुरली की घोर ।।
इंदु गोविन्द वदन के कारण,
चितवन कौं भये नैंन चकोर ।
(जै श्री ) हित हरिवंश रसिक रस जुवती,
तू लै मिलि सखि प्राण अकोर ।।
🙏 श्री राधे 🙏
Available on:
@BhajanMarg @ShriHitRadhaKripa @BhaktiMarg-k8j
यदि आपको श्री हित चौरासी के पद, राधा-कृष्ण भजन और ब्रज भक्ति से जुड़े ऐसे भावपूर्ण वीडियो पसंद आते हैं, तो वीडियो को Like करें और Shri Radha Kripa को Subscribe करें।
🌸 राधे राधे 🌸