भगवान ऋषभदेव को वैराग्य कैसे हुआ? | नीलांजना के नृत्य की अमर कथा | प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ स्वामी
JAIN SUTRA
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भगवान ऋषभदेव को वैराग्य कैसे हुआ? | नीलांजना के नृत्य की अमर कथा | प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ स्वामी
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जय जिनेंद्र!*
इस पावन वीडियो में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (श्री आदिनाथ स्वामी) जी के वैराग्य की अमर कथा प्रस्तुत की गई है।
; राजसभा में सौधर्म इंद्र द्वारा आयोजित अप्सरा नीलांजना के नृत्य और उसकी क्षणभंगुर मृत्यु के दृश्य ने भगवान ऋषभदेव जी के भीतर संसार की अनित्यता का बोध जगाया। इस प्रसंग के बाद प्रभु ने राज्यभार त्याग कर संयम और तप का मार्ग अपनाया।
प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव स्वामी जी का जीवन परिचय
नीलांजना के नृत्य का प्रसंग और वैराग्य का प्रादुर्भाव
इक्ष्वाकु वंश की स्थापना और मानव सभ्यता को दिया गया ज्ञान
संयम, दीक्षा और आत्म-कल्याण का पावन मार्ग
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