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#005 “श्रीकृष्ण – लीला पुरुषोत्तम भगवान | दिव्य लीलाओं का अमृत | Book Reading

“Cheto Darpan Marjanam – 🙏@SNGM Banglore

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#005 “श्रीकृष्ण – लीला पुरुषोत्तम भगवान | दिव्य लीलाओं का अमृत | Book Reading

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🌸 आज का सारांश – श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम भगवान 1. 🪷 श्रीकृष्ण – परम सत्य श्रीकृष्ण ही परम सत्य और समस्त कारणों के कारण हैं। वे भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों कालों में सत्य हैं। सृष्टि से पहले, सृष्टि के समय और सृष्टि के बाद भी श्रीकृष्ण विद्यमान रहते हैं। 2. 🙏 भगवान का अवतार भगवान साधुओं की रक्षा और दुष्टों के विनाश के लिए अवतरित होते हैं। देवताओं ने जाना कि श्रीकृष्ण अपने वचन को पूर्ण करने के लिए देवकी के गर्भ में प्रकट होने वाले हैं। इसलिए उन्होंने उन्हें सत्यं परमं अर्थात् परम सत्य कहकर संबोधित किया। 3. 🌍 भौतिक जगत का मूल कारण भौतिक जगत पाँच प्रमुख तत्वों, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है। ये सभी तत्व श्रीकृष्ण से ही उत्पन्न हुए हैं। संसार में जो भी सत्य, शक्ति, ज्ञान या वैभव दिखाई देता है, उसका मूल स्रोत श्रीकृष्ण हैं। 4. ⚡ परा एवं अपरा शक्ति जीवात्माएँ भगवान की परा शक्ति हैं। जड़ भौतिक तत्व उनकी अपरा शक्ति हैं। सृष्टि इन दोनों शक्तियों के संयोग से संचालित होती है। सुषुप्त अवस्था में प्रत्येक वस्तु श्रीकृष्ण में समाहित रहती है। 5. 🌳 भौतिक शरीर – वृक्ष का उदाहरण कठोपनिषद् में भौतिक शरीर की तुलना एक वृक्ष से की गई है। इस शरीर रूपी वृक्ष में दो पक्षी हैं, जीवात्मा और परमात्मा। जीव संसार के सुख-दुःख रूपी फलों का अनुभव करता है। परमात्मा केवल साक्षी के रूप में सब देखता है। 6. 🔱 प्रकृति के तीन गुण प्रकृति के तीन गुण हैं, सत्त्व, रज और तम। इन्हीं गुणों के प्रभाव से जीव विभिन्न प्रकार के भौतिक अनुभव प्राप्त करता है। ब्रह्मा रजोगुण द्वारा सृष्टि, विष्णु सत्त्वगुण द्वारा पालन और शिव तमोगुण द्वारा संहार करते हैं। इन तीनों कार्यों का मूल कारण श्रीकृष्ण ही हैं। 7. 🛶 भौतिक अज्ञान का सागर संसार को अज्ञान के सागर के समान बताया गया है। भगवान के चरणकमलों का ध्यान इस सागर को पार करने का साधन है। महान भक्त भगवान के चरणकमलों को अपनी नाव बनाकर भौतिक बंधन से पार हो जाते हैं। 8. 🦚 भगवान का शाश्वत रूप श्रीकृष्ण का शरीर भौतिक शरीर की तरह नश्वर नहीं है। उनका स्वरूप शाश्वत है। भक्तों के लिए उनका रूप अत्यंत आकर्षक और आनंददायक है, जबकि असुरों के लिए वही रूप भयकारी है। 🌺 मुख्य सीख श्रीकृष्ण ही परम सत्य एवं समस्त कारणों के कारण हैं। उनकी भक्ति और चरणकमलों का ध्यान करके मनुष्य भौतिक अज्ञान तथा संसार के बंधन से मुक्त होकर परम सत्य को प्राप्त कर सकता है।