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*#010 “श्रीकृष्ण – लीला पुरुषोत्तम भगवान | दिव्य लीलाओं का अमृत | Book Reading

“Cheto Darpan Marjanam – 🙏@SNGM Banglore

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*#010 “श्रीकृष्ण – लीला पुरुषोत्तम भगवान | दिव्य लीलाओं का अमृत | Book Reading

85 просмотров · Трансляция закончилась 12 дней назад
“Cheto Darpan Marjanam – 🙏@SNGM Banglore
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*🌸 Session 10 – सारांश हरे कृष्ण!* 🙏🏻 आज के सत्र में “पूतना वध” प्रसंग का वर्णन किया गया। नन्द महाराज को वसुदेव की भविष्यवाणी याद आई कि गोकुल में कोई संकट आ सकता है। इसी समय कंस ने पूतना नामक राक्षसी को छोटे-छोटे बच्चों का वध करने के लिए भेजा। पूतना मायावी शक्ति से अपना रूप बदल सकती थी और जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र नाम का कीर्तन नहीं होता था, वहाँ अपना प्रभाव फैला सकती थी। पूतना अत्यन्त सुन्दर स्त्री का रूप धारण करके नन्द महाराज के घर पहुँची। माता यशोदा ने उसे देखकर अपनी पुत्री के समान समझा और उसे श्रीकृष्ण के पास जाने दिया। भगवान श्रीकृष्ण उसके वास्तविक उद्देश्य को जानते थे, फिर भी उन्होंने उसकी गोद में जाना स्वीकार किया। पूतना ने विष लगा हुआ स्तन श्रीकृष्ण के मुख में दिया, परन्तु श्रीकृष्ण ने केवल उसका दूध ही नहीं, बल्कि उसकी जीवन-शक्ति भी पी ली। असहनीय पीड़ा से पूतना अपने वास्तविक विशाल राक्षसी रूप में आ गई और उसका वध हो गया। पूतना का विशाल शरीर देखकर गोकुलवासी आश्चर्यचकित रह गए। उसके शरीर को टुकड़ों में काटकर जलाया गया और आश्चर्यजनक रूप से उससे अगरु जैसी सुगन्ध आने लगी। इसका कारण यह था कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श और उनके द्वारा दूध ग्रहण करने से उसके सारे पाप नष्ट हो गए और उसे दिव्य गति प्राप्त हुई। इससे यह शिक्षा मिलती है कि भगवान की सेवा का थोड़ा-सा प्रयास भी अत्यन्त महान आध्यात्मिक लाभ प्रदान कर सकता है। माता यशोदा ने श्रीकृष्ण की रक्षा के लिए भगवान विष्णु के विभिन्न नामों का उच्चारण करते हुए उनके शरीर के विभिन्न अंगों की रक्षा की प्रार्थना की। इससे हमें सीख मिलती है कि भगवान के पवित्र नामों का स्मरण और कीर्तन जीव की वास्तविक रक्षा करता है। अन्ततः पूतना, जो श्रीकृष्ण को मारने आई थी, भगवान की कृपा से मोक्ष प्राप्त कर गई। इससे भगवान श्रीकृष्ण की असीम करुणा और सर्वकल्याणकारी स्वभाव प्रकट होता है। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। 🙏🏻🌸