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Tarasingh Dodve | Malvi Folk Musical PART-1

INTACH Rajkot

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Tarasingh Dodve | Malvi Folk Musical PART-1

3 874 просмотра · 6 мес. назад
INTACH Rajkot
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Experience the soul of Malwa through a mesmerizing Lok Sangeet Baithak led by Tara Singh Dodve and his ensemble from Madhya Pradesh. Blending devotional depth with philosophical insight, the performance draws from Bhakti–Sufi traditions and the timeless poetry of Kabir—exploring themes of unity, spirituality, and social reflection. Mandali (Group): Tara Singh Dodve – Vocal Santosh Saroliya – Violin Vikas – Harmonium Sonu Ji – Dholak Featuring evocative renditions like: “साधो, देखो जग बौराना…” “मेरा तेरा मनुओं कैसे इक होई रे…” Organized by INTACH Rajkot Chapter at Rashtriya Shala, this baithak is part of ongoing efforts to celebrate and sustain India’s rich intangible cultural heritage. Immerse. Reflect. Connect. ------------------------ साधो, देखो जग बौराना। साँची कहौ तो मारन धावै झूँठे जग पतियाना। हिंदू कहत है राम हमारा मुसलमान रहमाना। आपस में दोउ लड़े मरतु हैं मरम कोई नहिं जाना। बहुत मिले मोहिं नेमी धर्मी प्रात करैं असनाना। आतम छोड़ि पषानैं पूजैं तिनका थोथा ज्ञाना। आसन मारि डिंभ धरि बैठे मन में बहुत गुमाना। पीपर-पाथर पूजन लागे तीरथ-बर्न भुलाना। माला पहिरे टोपी पहिरे छाप-तिलक अनुमाना। साखी सब्दै गावत भूले आतम ख़बर न जाना। घर घर मंत्र जो देत फिरत हैं माया के अभिमाना। गुरुवा सहित सिष्य सब बूड़े अंतकाल पछिताना। बहुतक देखे पीर औलिया पढ़ैं किताब क़ुराना। करैं मुरीद कबर बतलावैं उनहूँ ख़ुदा न जाना। हिंदु की दया मेहर तुरकन की दोनों घर से भागी। वह करै जिबह वाँ झटका मारै आग दोऊ घर लागी। या बिधि हँसत चलत हैं हमको आप कहावैं स्याना। कहैं कबीर सुनो भाई साधो, इनमें कौन दिवाना॥ ------------------- मेरा तेरा मनुओं कैसे इक होई रे। मैं कहता हौं आँखिन देखी, तू कहता कागद की लेखी। मैं कहता सुरझावनहारी, तू राख्यौ उरझाई रे। मैं कहता तू जागत रहियो, तू रहता है सोई रे। मैं कहता निर्मोही रहियो, तू जाता है मोही रे। जुगन जुगन समुझावत हारा, कही मानत कोई रे। तू तो रंडी फिरै बिहंडी, सब धन डारे खोई रे। सतगुरु धारा निर्मल बाहै, वामैं काया धोई रे। कहत कबीर सुनो भाई साधो, तब ही वैसा होई रे॥ मेरा और तेरा दिल एक कैसे हो सकता है। मैं आँखों