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Soulful Ghazal : Zindagi mein kuchh kami Lyrics: Dr Bhagia 'Khamosh' Music & Play back : Suno AI

Dr. Bhagia 'Khamosh'- Ghazal

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Soulful Ghazal : Zindagi mein kuchh kami Lyrics: Dr Bhagia 'Khamosh' Music & Play back : Suno AI

44 просмотра · 3 недели назад
Dr. Bhagia 'Khamosh'- Ghazal
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ग़ज़ल - ए - 'ख़ामोश' ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है इन लबों पर तिश्नगी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है शाइरी यूँ ही नहीं होती रही शाइरी यूँ ही नहीं होती रही दर्द उनका लाज़िमी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है कश-म-कश इंसान की शैतान से कश-म-कश इंसान की शैतान से झेलता क्यूँ आदमी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है दिन गुज़रता है मेरा जब सहरा में दिन गुज़रता है मेरा जब सहरा में रात फिर क्यूँ पुरनमी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है हज़रते-'ख़ामोश' को भी क्या मिला हज़रते-'ख़ामोश' को भी क्या मिला कर रहा वो आशिक़ी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है इन लबों पर तिश्नगी मुद्दत से है ज़िन्दगी में कुछ कमी मुद्दत से है -डॉ भागिया 'ख़ामोश'