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🙏 जय श्री राम 🚩 विजयदशमी का पावन पर्व #विजयदशमी #दशहरा #जयश्रीराम #रामभजन #Dussehra #HarikaSumiran

Atharvaveda -- अथर्ववेद

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🙏 जय श्री राम 🚩 विजयदशमी का पावन पर्व #विजयदशमी #दशहरा #जयश्रीराम #रामभजन #Dussehra #HarikaSumiran

8 просмотров · 13 дн. назад
Atharvaveda -- अथर्ववेद
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विजयादशमी (दशहरा) आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू पर्व है। यह पर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। विजयादशमी क्यों मनाते हैं? (प्रमुख पौराणिक कथाएं) ******************************************** • भगवान राम की विजय: इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था। • माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय: देवी दुर्गा ने लगातार नौ दिन और रात युद्ध करने के बाद दसवें दिन राक्षस महिषासुर का वध किया था। • पांडवों के अज्ञातवास की समाप्ति: महाभारत काल में पांडवों ने इसी दिन शमी के वृक्ष पर छिपाए गए अपने अस्त्र-शस्त्र वापस प्राप्त किए थे। विजयादशमी का महत्त्व :: ********************* • यह वर्ष की तीन सबसे शुभ तिथियों में से एक ("अबूझ मुहूर्त") मानी जाती है। इस दिन बिना कोई पंचांग देखे नए कार्य, वाहन, या गृह प्रवेश की शुरुआत की जा सकती है। • इस दिन शमी वृक्ष की पूजा और शस्त्र पूजन करने से मान-सम्मान, बल और पराक्रम में वृद्धि होती है। • रावण दहन केवल बाहरी बुराई का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर के क्रोध, अहंकार, और आलस्य जैसी बुराइयों को त्यागने का संदेश देता है। विजयादशमी के अचूक उपाय :: ************************** • शमी वृक्ष की पूजा: शाम के समय शमी के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'शमी शम्यते पापम्...' मंत्र का पाठ करें। इसकी कुछ पत्तियां घर की तिजोरी में रखें, इससे धन-धान्य बढ़ता है। • करियर और प्रमोशन के लिए: विजयादशमी के दिन सिंघाड़े के आटे की रोटियां बनाकर उस पर दो मूली रखकर किसी मंदिर या जरूरतमंद को दान करें। • कर्ज मुक्ति का उपाय: दशहरा के दिन दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर जाकर उनके बाएं पैर का सिंदूर लें। इसे एक नींबू पर लगाकर अपने सिर से वार कर किसी चौराहे के चारों दिशाओं में फेंक दें। • नकारात्मकता दूर करने के लिए: घर के मुख्य द्वार पर शाम को शुद्ध घी का चौमुखी दीपक जलाएं और अपनी किसी एक बुरी आदत को हमेशा के लिए छोड़ने का संकल्प लें।