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Swagatam Surivara | Sanyam Suvarna Utsav | Jayshreeben | Manan Sanghvi | Parth Doshi | Jainam Mehta

Manan Sanghvi Official ™️

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Swagatam Surivara | Sanyam Suvarna Utsav | Jayshreeben | Manan Sanghvi | Parth Doshi | Jainam Mehta

9 910 просмотров · 7 месяцев назад
Manan Sanghvi Official ™️
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This beautiful song Swagatam Surivara captures the joy and reverence of the Sanyam Suvarna Utsav, celebrating the golden spiritual milestone of PP A Bhavyabhushan Suriji MS and PP A Bhuvanbhushan Suriji MS on their 50th Swarnim Suvarna Year of Diksha. 🌟🙏 With soulful voices and uplifting music, it honors their years of devotion, guidance, and wisdom shared with the community. 🎶💛 The melody reflects gratitude, peace, and unity as devotees join in celebrating their inspiring journey. 🙏✨ This homage brings together heartfelt emotion and festive spirit in every verse. 🎉💖 स्वागतम्‌ सूरिवरा दिव्यकृपा :: तपागच्‍छाधिपति, दीक्षाप्रदाता प.पू.आ.श्री रामचन्द्रसूरीश्वरजी महाराजा दिव्यकृपा :: वात्सल्यवारिधि, गुरुप्रवर प.पू.आ.श्री महाबलसूरीश्वरजी महाराजा दिव्यकृपा :: गच्‍छसौभाग्य गच्‍छाधिपति गुरुदेव प.पू.आ.श्री पुण्यपालसूरीश्वरजी महाराजा ‘महा-पुण्य’ गुरुदेवोना पनोता शिष्यो प्रवचनकुशल, ज्योतिर्विद्‌, शास्त्रपारंगत, सरलस्वभावी प.पू.आ.श्री भव्यभूषणसूरीश्वरजी महाराजा अने अनुशासनकुशल, संघएकतालक्षी प.पू.आ.श्री भुवनभूषणसूरीश्वरजी महाराजाना दीक्षाजीवनना 50मां वर्षमां मंगल प्रवेश निमित्त संयम-सुवर्ण उत्सव प्रसंगे उभय सूरिदेवोना गुणवैभवने वर्णवतुं मनमोहक गुरुभक्ति गीत भावभीनी वंदना मारा नाना श्री शांतिभाई शाह ने जेमने पूज्य गुरुभगवंतो साथे मारो भेटो कराव्यो. भक्‍ति समर्पण :: रुपलबेन उरेशभाई शाह Lyrics :: Jayshreeben Kothari Singer :: Manan Sanghvi, Parth Doshi Music :: Jainam Mehta Special Thanks :: Manan Sanghvi मनमां... संयमनो रस रे घोळी तमे सुखनो... मारग लीधो खोळी रंगाया... संवेगना रंगे ‘महा-पुण्य’ थकी, जागी रे भावना आतमनो ‘जय’ करवाने काजे, उच्‍चारी तमे रजोहरणनी याचना ए पावन वेळा आवी गुरु! अमे ‘भक्‍ति’ करीए ‘भव्य’ तमारी अंतर ‘भुवन’मां गुरुप्रीतनी, अमे प्रगटावी छे ‘भव्य’ दीवाळी नमो नमो नमो सूरिराजा... नमो नमो नमो तत्त्वताजा... नमो नमो नमो धर्मराजा... नमो नमो नमो सुखभाजा... रणके सौना हैयामां, वाणी मधुरी केवी डूबता जीवोने आपे, साचो सहारो एवी विरतिधरा पर सोहे, मंगल हवेली रूड़ी संयम सुवर्ण दिने, झळहळती केवी ‘राम’ना करकमले पायुं, रजोहरण तमे ‘अमलनेर’मां शासनना तमे भूषण थई, शोभी रह्या ‘राम’ना उपवनमां ए पावन वेळा आवी गुरु! अमे ‘भक्‍ति’ करीए ‘भव्य’ तमारी अंतर ‘भुवन’मां गुरुप्रीतनी, अमे प्रगटावी छे ‘भव्य’ दीवाळी सोनेरी किरणो लईने, नवी परोढ आवी सृष्‍टि आजे हरखाई, मोतीडां वधावी आपे अभिनंदन तमने, वरसी आशिषधारा ‘भक्‍ति’ भरेला उरमां, बजे थईकारा सोनानो सूरज उग्यो आजे, शरणाई बाजे, संयमना सूरो लई... स्वागतम्‌ धरती कहे आजे, आनंद छाजे, ‘उर’ना आकाशमहीं... ए पावन वेळा आवी गुरु! अमे ‘भक्‍ति’ करीए ‘भव्य’ तमारी अंतर ‘भुवन’मां गुरुप्रीतनी, अमे प्रगटावी छे ‘भव्य’ दीवाळी