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गीता का ज्ञान: ईर्ष्या और अहंकार से मुक्ति

Bhagvat Geeta Se Samadhan

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गीता का ज्ञान: ईर्ष्या और अहंकार से मुक्ति

36 просмотров · 2 недели назад
Bhagvat Geeta Se Samadhan
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क्या आपको किसी अपने की सफलता देखकर खुशी की जगह जलन महसूस होती है? भाई-बहन, दोस्त या सहकर्मी की तरक्की देखकर मन में सवाल आता है — "मुझे क्यों नहीं मिला"? भगवद्गीता के 16वें अध्याय में श्रीकृष्ण ने इस भावना की जड़ बहुत सटीकता से समझाई है — श्लोक 16.4 में। इस वीडियो में जानेंगे: जलन असल में कहाँ से आती है — दूसरे व्यक्ति से नहीं, हमारे अंदर से दैवी और आसुरी स्वभाव में क्या फर्क है अपनों की सफलता से जलन ज़्यादा तीखी क्यों लगती है इस भावना को पहचानने और बदलने का व्यावहारिक तरीका श्लोक (16.4): दम्भो दर्पोऽभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च। अज्ञानं चाभिजातस्य पार्थ सम्पदमासुरीम्॥ अगर यह वीडियो आपके काम आया हो, तो लाइक करें, सब्सक्राइब करें, और कमेंट में बताएं — क्या आपको कभी किसी अपने की सफलता से जलन महसूस हुई है? #भगवद्गीता #गीताज्ञान #जलन #सेल्फवर्थ #कृष्ण #मोटिवेशनहिंदी