Afraid of an Ordinary Life? — साधारण ज़िंदगी से डर लगता है? गीता का जवाब | Bhagavad Gita 3.35
Bhagvat Geeta Se Samadhan
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Afraid of an Ordinary Life? — साधारण ज़िंदगी से डर लगता है? गीता का जवाब | Bhagavad Gita 3.35
5 просмотров · 8 дней назад
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क्या आपको डर लगता है कि आपकी ज़िंदगी बहुत साधारण है? क्या लगता है कि दूसरे
लोग कुछ खास कर रहे हैं और आप पीछे रह गए हैं? भगवद्गीता के श्लोक 3.35 में
श्रीकृष्ण ने इस डर का बहुत गहरा जवाब दिया है — अपना रास्ता, चाहे कितना भी
साधारण क्यों न हो, हमेशा दूसरे के चमकदार रास्ते से बेहतर है।
इस वीडियो में जानेंगे:
साधारण होने का डर असल में तुलना से क्यों आता है
स्वधर्म और परधर्म का यह गहरा फर्क
महत्वपूर्ण होना और मशहूर होना — इनमें अंतर
अपने छोटे लेकिन असली रास्ते को अपनाने का तरीका
श्लोक (3.35):
श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥
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बताएं — क्या आपको कभी अपनी ज़िंदगी साधारण लगकर डर लगा है?
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