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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 11 |विश्वरूप दर्शन योग अर्जुन ने देखा भगवान का विराट रूप ‪@Spiritual_baaten‬

Kanha ki pyari

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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 11 |विश्वरूप दर्शन योग अर्जुन ने देखा भगवान का विराट रूप ‪@Spiritual_baaten‬

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Kanha ki pyari
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श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय का नाम है — “विश्वरूप दर्शन योग”। 🙏 इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को अपनी दिव्य दृष्टि प्रदान करते हैं और अर्जुन को भगवान के अद्भुत एवं विराट स्वरूप के दर्शन होते हैं। 🌺 अर्जुन भगवान के विराट रूप में संपूर्ण संसार, देवताओं और युद्धभूमि के अनेक योद्धाओं को देखते हैं। इसी दौरान श्रीकृष्ण अर्जुन को काल, कर्म और अपने कर्तव्य का गहरा ज्ञान देते हैं। इस वीडियो में जानिए: ✨ अर्जुन ने भगवान से क्या इच्छा की? ✨ श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिव्य दृष्टि क्यों दी? ✨ विराट स्वरूप में अर्जुन ने क्या देखा? ✨ “मैं काल हूँ” — इस कथन का क्या अर्थ है? ✨ अध्याय 11 से हमें जीवन की क्या सीख मिलती है? 🙏 जय श्री कृष्ण 🌸 राधे राधे 🌸 ऐसे ही श्रीमद्भगवद्गीता, आध्यात्मिक ज्ञान और Spiritual Baaten के लिए चैनल को Subscribe जरूर करें। 🔔 🔖 #ShrimadBhagavadGita #BhagavadGita #GeetaAdhyay11 #Adhyay11 #VishwaroopDarshan #VishwaroopDarshanYog #Krishna #ShriKrishna #KrishnaArjun #GeetaGyan #BhagwanKrishna #SpiritualBaaten #Spirituality #SanatanDharma #HinduDharma #KrishnaVani #RadheRadhe #GeetaGyanHindi