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सम्यक्त्व से सिद्धत्व की यात्रा | भाग–9 | महावीर के गर्भागमन और 14 स्वप्नों का रहस्य

Sadhvi Dr. Sarita Ji Maharaj

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सम्यक्त्व से सिद्धत्व की यात्रा | भाग–9 | महावीर के गर्भागमन और 14 स्वप्नों का रहस्य

68 просмотров · 9 дней назад
Sadhvi Dr. Sarita Ji Maharaj
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सम्यक्त्व से सिद्धत्व की यात्रा — भाग 9 श्री महावीराय नमः भगवान महावीर की आत्मा अपनी सिद्धत्व की यात्रा में आगे बढ़ते हुए जब माता के गर्भ में आई, तब कौन-कौन सी विलक्षण घटनाएँ घटित हुईं? माता ने गर्भागमन के समय चौदह स्वप्न क्यों देखे और उन प्रत्येक स्वप्न का क्या फल था? आज के इस विशेष प्रवचन में विस्तार से जानिए— 🔹 महावीर के जीव का गर्भागमन किस प्रकार हुआ? 🔹 तीर्थंकर का जीव किस माता के गर्भ में आता है? 🔹 तीर्थंकर की माता और पिता में कौन-कौन सी विशेषताएँ होती हैं? 🔹 उन माता-पिता की कौन-सी पुण्यवानी और विशिष्ट कर्मप्रकृति का यह प्रताप होता है? 🔹 माता को केवल चौदह ही स्वप्न क्यों दिखाई देते हैं? 🔹 उन चौदह स्वप्नों का क्या अर्थ और फल है? 🔹 महावीर की माता के द्वारा देखे गए ये स्वप्न किस प्रकार उनके गर्भ में आए विलक्षण जीव के आगमन का संकेत देते हैं? 🔹 तीर्थंकर के गर्भागमन से जुड़ी कौन-कौन सी अद्भुत और मंगलकारी घटनाएँ घटित होती हैं? चौदह स्वप्न केवल स्वप्न नहीं, बल्कि तीर्थंकर के आगमन की दिव्य सूचना हैं। भगवान महावीर की आत्मा की सम्यक्त्व से सिद्धत्व तक की अद्भुत यात्रा को क्रमशः जानने के लिए यह प्रवचन अवश्य सुनें। 🙏