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॥ Shri Mahalakshmi Stuti ॥ 🙏 | Divine Hymn to Maa Lakshmi | Friday Special | Mahalakshmi Bhajan

Trivenee Bhakti Vani

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॥ Shri Mahalakshmi Stuti ॥ 🙏 | Divine Hymn to Maa Lakshmi | Friday Special | Mahalakshmi Bhajan

159 просмотров · 3 дн. назад
Trivenee Bhakti Vani
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॥ श्री महालक्ष्मी स्तुति ॥ 🙏 माँ महालक्ष्मी की यह मधुर एवं हृदयस्पर्शी स्तुति श्रद्धा और भक्ति के साथ सुनें। 🌺 यह भजन विशेष रूप से शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी की आराधना के लिए प्रस्तुत किया गया है। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। 🙏 माँ महालक्ष्मी की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहे। इस दिव्य स्तुति को शांत मन से सुनें और माँ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें। 🪷 अगर आपको यह भक्ति गीत पसंद आए तो वीडियो को Like करें, अपने परिवार और भक्तों के साथ Share करें और Trivenee Bhakti Vani को Subscribe जरूर करें। ❤️ 🌺 जय माँ महालक्ष्मी 🌺 🙏 ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः 🙏 #Mahalakshmi #MahalakshmiStuti #LakshmiMata #LakshmiBhajan #FridaySpecial #MaaLakshmi #BhaktiSong #SanskritStuti #DevotionalSong #TriveneeBhaktiVani जय जय हे कमलवासिनि, जय जय जगजननी मातः। करुणामयि हे महालक्ष्मि, शरणं ते जगदम्बिके॥ कमलासनस्थे शुभ्रवर्णे, दिव्यालंकारभूषिते। सर्वमंगलदायिनि देवि, प्रसीद मम मातः॥ नमस्तेऽस्तु महालक्ष्मि, श्रीरूपेण विराजिते। सर्वसम्पत्प्रदात्रि त्वं, भक्तानां वरदायिनि॥ पद्महस्ते पद्मनेत्रे, पद्ममालाविभूषिते। पद्मालये पद्ममुखि, नमस्ते कमलप्रिये॥ शुभ्रवस्त्रसमायुक्ते, दिव्यगन्धानुलेपने। सौभाग्यं देहि मे मातः, शान्तिं देहि निरन्तरम्॥ धनं धान्यं च मे देहि, यशः कीर्तिं च सर्वदा। आरोग्यं सुखसम्पत्तिं, देहि मातर्महेश्वरि॥ माँ तेरे चरणों में, मेरा जीवन अर्पित है। तेरी कृपा की छाया में, मेरा मन सदा सुरक्षित है॥ श्री महालक्ष्मी… श्री महालक्ष्मी… माँ महालक्ष्मी… जय महालक्ष्मी॥ जहाँ तेरा नाम लिया जाए, वहाँ मंगल हो जाए। जहाँ तेरी ज्योति जले माँ, वहाँ अंधियारा मिट जाए॥ श्री महालक्ष्मी… श्री महालक्ष्मी… कमलवासिनी जय माँ… करुणामयी जय माँ… महालक्ष्मी जय माँ॥ हे मातः कमले देवि, करुणां कुरु मे सदा। अज्ञानतिमिरं हित्वा, ज्ञानदीपं प्रदीपय॥ मनसः सर्वदुःखानि, दूरं कुरु जगन्मये। भक्तिं मे देहि मातस्त्वं, चरणौ ते स्मराम्यहम्॥ न लोभं न च मोहं मे, न क्रोधं न च मत्सरम्। शुद्धं कुरु मनो मातः, भक्तियुक्तं निरन्तरम्॥ मंगलं ते महालक्ष्मि, मंगलं कमलासने। मंगलं पद्महस्ते च, मंगलं वरदायिनि॥ सर्वदेवमये देवि, सर्वलोकैकपूजिते। मम गेहे सदा मातः, श्रीः शान्तिश्च प्रवर्तताम्॥ सुखं शान्तिं च सौभाग्यं, सद्बुद्धिं देहि मे शुभे। भक्तिं श्रद्धां च मे देहि, मातर्मे करुणामये॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥ श्री महालक्ष्मी… श्री महालक्ष्मी… श्री महालक्ष्मी… माँ महालक्ष्मी…॥ कमल चरणों में शीश झुकाएँ, प्रेम से माँ का नाम सुनाएँ। श्री महालक्ष्मी कृपा बरसाएँ, हर जीवन में मंगल लाएँ॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥ जय माँ महालक्ष्मी। 🙏