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भाग 7 | गीत गोविन्द | हिंदी भावार्थ | पंचम अष्टपदी - राधा रानी की विरह वेदना | जयदेव जी

Vraja Madhuri

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भाग 7 | गीत गोविन्द | हिंदी भावार्थ | पंचम अष्टपदी - राधा रानी की विरह वेदना | जयदेव जी

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गीत गोविंद एक प्राचीन संस्कृत काव्य है जो राधा-कृष्ण के अद्वितीय प्रेम की और विरह वेदना का अनुपम चित्रण करने वाला अनुपम काव्य है। इस काव्य में श्रीजयदेव ने राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक सम्बन्ध के अनुभव को संगीत, रस, और रोमांच से व्यक्त किया है। गीत गोविंद के माधुर्यपूर्ण शब्द, संगीत, और भावों की मधुरता से, यह काव्य राधा-कृष्ण के प्रेम के आद्यात्मिक अनुभव को व्यक्त करता है। इसमें राधा का कृष्ण से वियोग की पीड़ा का वर्णन है। गीत गोविन्द रसोपासना के मूल ग्रंथों में से है | यह जगन्नाथ जी को अति प्रिय है और उन्हें गाकर उपासक को सुनाना चाहिए | इस प्लेलिस्ट में गुरु माँ गीत गोविन्द के गूढ़ भाव को व्यक्त कर और राधा कृष्ण के प्रेम की विरह वेदना का मार्मिक और वर्णन कर रही हैं | ___________________________________________________ __________________ संचरदधरसुधामधुरध्वनिमुखरितमोहनवंशम् । चलितदृगञ्चलचञ्चलमौलिकपोलविलोलवतंसम् ॥ १॥ रासे हरिमिह विहितविलासं स्मरति मनो मम कृतपरिहासम् ॥ ध्रुवम्॥ चन्द्रकचारुमयूरशिखण्डकमण्डलवलयितकेशम् । प्रचुरपुरन्दरधनुरनुरञ्जितमेदुरमुदिरसुवेशम् ॥ २॥ रासे हरिमिह गोपकदम्बनितम्बवतीमुखचुम्बनलम्भितलोभम् । बन्धुजीवमधुराधरपल्लवमुल्लसितस्मितशोभम् ॥ ३॥ रासे हरिमिह विपुलपुलकभुजपल्लववलयितवल्लवयुवतिसहस्रम् । करचरणोरसि मणिगणभूषणकिरणविभिन्नतमिस्रम् ॥ ४॥ रासे हरिमिह जलदपटलचलदिन्दुविनन्दकचन्दनतिलकललाटम् । पीनघनस्तनमण्डलमर्दननिर्दयहृदयकपाटम् ॥ ५॥ रासे हरिमिह var - पीनपयोधरपरिसर मणिमयमकरमनोहरकुण्डलमण्डितगण्डमुदारम् । पीतवसनमनुगतमुनिमनुजसुरासुरवरपरिवारम् ॥ ६॥ रासे हरिमिह विशदकदम्बतले मिलितं कलिकलुषभयं शमयन्तम् । मामपि किमपि तरङ्गदनङ्गदृशा मनसा रमयन्तम् ॥ ७॥ रासे हरिमिह var - वपुषा श्रीजयदेवभणितमतिसुन्दरमोहनमधुरिपुरूपम् । हरिचरणस्मरणं प्रति सम्प्रति पुण्यवतामनुरूपम् ॥ ८॥ रासे हरिमिह श्लोकः ॥ गणयति गुणग्रामं भ्रामं भ्रमादपि नेहते वहति च परितोषं दोषं विमुञ्चति दूरतः । युवतिषु वलस्तृष्णे कृष्णे विहारिणि मां विना पुनरपि मनो वामं कामं करोति करोमि किम् ॥ १५॥ __________________ 1:30 - मंगलाचरण (राधा रस सुधा निधि ) 4:44 - द्वितीय सर्ग अक्लेश केशव और राधा रानी का मान 12:00 - पंचम गीतम भूमिका 14:30 - राधा रानी का अकेले वन में बैठना 16:16 - राधा रानी की भँवरे से बात 18:00 - पंचम गीतम 29:37 - गीत का भाव 54:00 - कृष्ण चरणों का आश्रय 56:10 - गीत का सार' - राधा रानी का निर्मल प्रेम __________________ 📽️ PLAYLISTS 📽️ श्रीचैतन्य चरितामृत :    • Sri Chaitanya Charitamrita   श्रीहित चौरासी :    • श्री हित चौरासी जी | श्री हित हरिवंश जी वाणी   राधा रस सुधा निधी :    • Shri Radha Ras Sudha Nidhi   Glories of Vrindavan English:    • Vrindavan Mahimamrita ENGLISH   वृन्दावन महिमामृत हिंदी भावार्थ:    • वृन्दावन महिमामृत | Vrindavan Mahimamrita ...   विष्णु Sahasranama English meanings:    • Vishnu Sahasranam   विष्णु सहस्त्रनाम हिंदी भावार्थ:    • विष्णु सहस्त्रनाम   श्रीमद्भगवद्‌गीता यथारूप :    • श्रीमद्भगवदगीता यथारुप   Srimad Bhagavad Gita as it is :    • Bhagvad Gita English   अन्य शिक्षाएँ :    • Плейлист   ___________________________________________________ ☎️ CONTACT DETAILS ☎️ 1) Mail ID: smitavenkatesh108@gmail.com 2) Instagram ID:   / smitavenkatesh.108   3) Whatsapp channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaEb... 4) Official Website: https://smitavenkatesh.com/ 5) Medium blog:   / smitavenkatesh   Hare Krishna! __________________________________________________ #GeetGovind #GeetGovindinHindi #GeetGovindKeBhaw #GeetGovindBySmitaVenkatesh #GeetGovind ashtpadi #गीतगोविन्द #गीतगोविन्दहिंदीभावार्थ